प्रत्येक माह में दो चतुर्थी आती है इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी मानी जाती है इन सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग होते है लेकिन चतुर्थी के दिन ये कुछ काम कभी नहीं करने चाहिए तो चलिए जानते कौनसे है ये काम
अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की विनायक चतुर्थी बोलते है और पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष मी आने वाली चतुर्थी को संकटी चतुर्थी बोलते है।
भगवान गणेशजी को चतुर्थी के साथ किसी दिन भी तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए इस दिन प्याज ,लहसुन शराब और मास नहीं खाना चाहिए।
अगर चतुर्थी गुरुवार हो आती है तो मृत्युदाम,मानी जाती है और शनिवार की चतुर्थी सिद्धिदा मानी जाती है और चतुर्थी के श्रिक्ताश् होने का दोष इस विशेष स्थति में खत्म होता है
इस दिन किसी पशु या पक्षी सतना या मरना नही चाहिए और किसी बुजुर्ग या ब्राह्मण का अपमान नहीं करना चाहिए
चतुर्थी के दीं दिशा नेतृत्व है चतुर्थी खला तिथि है तिथि ''रिक्ता संझक होती है इसमें शुभ और मांगलिक काम वर्जित होते है।
from Brain Remind |Vastu shastra | Health tips|Home Remedies hindi | Technology |Job |Ajab Gajab https://ift.tt/3A1lV03







No comments:
Post a Comment