कुंडली में इन दोनों ग्रहो की शुभ सिथति और इनका लग्न,धन विद्या,रोग,सेवा,कर्म लाभ से किसी भी तरह का दृष्टि संबंध होने पर मनुष्य को पढाई के क्षेत्र में सफलता मिलती है तो आइये जानते है ऐसे योग के बारे में जिनसे आपके पढ़ाही के क्षेत्र में करियर बंनने लगता है।
अगर लग्न कुंडली में ज्यादा नवमांश कुंडली में भी गुरु और बुध का युति और दृष्टि से जुड़ा हो तो मनुष्य अध्यापन के क्षेत्र में संपत्ति,समृद्धि हासिल करता है।
लग्न और चंद्र कुंडली से लग्नेश,पच्मेश ,दशमेश का संबंध गुरु और बुध से जुड़ने पर पढाई में जीविजा अर्जन होता है।
लग्न कुंडली ,नवमांश कुंडली दशमांश कुंडली में गुरु और बुध का दृष्टि और युक्ति से जुड़ा होने पर पढाई के क्षेत्र में फायदा होता है।
सूर्य का धन स्थन ,पंचम ,सेवा ,कर्म में गुर और बुध से जुड़े होने पर सरकारी नौकरी में सफलता प्राप्त होती है।
गुरु और बुध के मध्य स्थान परिवर्तन योग बनने पर सफलता मिलती है ये योग धन, दशम ,और लाभ भव के मध्य बनने पर अच्छी सफलता मिलती है इससे मनुष्य संपत्ति समृद्धि प्राप्त करता है \
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