सावन का महीना चल रहा है चारो तरफ भोले बाबा की धूम है लोग शिव जी कृपा पाने के लिए पुरे सावन व्रत करते है और शिव जी के मंदिरो में जाके उनकी पूजा करते है।
हर जगह शिव के अनेक मंदिर है जिनकी महिमा अलग अलग है ऐसा ही एक मंदिर है अचलेश्वर महादेव मंदिर ये मंदिर राजस्थान के धौलपुर में स्थित है।
अचलेश्वर महदेव मंदिर शिवलिंग भी स्वयंभू है यह का रास्ता बीहड़ो को पारर करके आता है लेकिन इस मंदिर में भक्तो की भीड़ अलगी रहती है कहते है ये शिवलिंग रंग बदलता है सुबह के समय इस शिव लिंग की आभा लाल होती है दोपहर में केसरिया और शाम के समय इसका कलर श्याम हो जाता है।
किवंदती है कि कठिन और खतरों से भरे रास्ते की वजह से कई साल पहले शिवभक्तों ने स्वयंभू शिवलिंग को शिफ्ट करने के लिए खुदाई शुरु कर दी थी लेकिन उन्हें यह खुदाई बीच मेंही बंद करनी पड़ी क्योंकि काफी गहराई तक खुदाई करने पर भी शिवलिंग के अंतिम छोर तक पहुंच नहीं पाए थे इस मंदिर की मान्यता है की इसमें पूजा करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
जिस तरह भोलेनाथ ने मां पार्वती को मनचाहे वर का वरदान दिया था उसी तरह इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग भी लोगों की मनचाहे जीवनसाथी को पाने की मनोकामना पूरी करता है सावन के सोमवार में शिव की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
कहते है सावन के सोमवार को पूजा करने से विवाह सम्न्बंधी सारी परेशानी खतम हो जाती है तो इस सावन में इस मंदिर के दर्शन करने जरूर जाए मन की अधूरी रही मनोकामना अवशय पूरी होगी।
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